भ्रष्टाचार की खबर चलाना पत्रकार को पड़ा भारी षड़यंत्र रचा कर पुलिस ने भेजा जेल
अमित मौर्य संवाददाता
लखीमपुर-खीरी । जनपद के ब्लाक बिजुआ में एक ठेकाकर्मचारी कम्प्यूटर आपरेटर के पद पर कार्यरत रामदीप वर्मा के द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार की शिकायत व खबर चला रहे द हिन्दी खबर के संपादक दीपक पंडित पर फर्जी मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने पत्रकार को अनान फानन में बिना जांच पड़ताल किए पत्रकार दीपक पंडित को पुलिस ने जेल भेज दिया। जिससे आक्रोशित पत्रकार सुरक्षा परिषद फाउंडेशन लखीमपुर-खीरी के पदाधिकारी व सदस्यों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन सौंपा साथ ही निष्पक्ष जांच करने व दीपक पंडित को तत्काल रिहा करने की मांग की।
जानकारी के मुताबिक द हिन्दी खबर के संपादक दीपक पंडित बिजुआ ब्लॉक में हो रहे भ्रष्टाचार की लगातार खबर चला रहे हैं व उच्च अधिकारियों को लिखित प्रार्थना पत्र दिया था जिसके चलते खुद को फंसाता देख बिजुआ ब्लॉक में तैनात कर्मचारी व ठेका कर्मचारी कम्प्यूटर आपरेटर रामदीप वर्मा के साथ मिलकर एक षड़यंत्र रचकर पत्रकार दीपक पंडित पर एक भीरा थाने में झूठा मुकदमा दर्ज कराया और साथ ही पुलिस के साथ सांठगांठ कर लिया जिसके बाद पुलिस ने पत्रकार दीपक पंडित को बहाने से बुलाकर अपनी कस्टडी में 8 घंटे रखा और उसके बाद न्यायालय के समझ पेश कर जेल भेज दिया आपको बता दें कि पत्रकार दीपक पंडित ने जिलाधिकारी को एक लिखित शिकायती पत्र देकर
ब्लॉक बिजुआ में ठेका कर्मचारी कम्प्यूटर ऑपरेटर रामदीप वर्मा द्वारा किये गये भ्रष्टाचार और ठेकेदारी के सम्बंध में प्रार्थाना पत्र डाक रजिस्ट्री के माध्यम से जिलाधिकारी लखीमपुर, मंडलायुक्त लखनऊ मंडल, मुख्यविकास अधिकारी व जिला पंचायत राज अधिकारी लखनऊ मंडल को दिया था
आरोप लगाया था कि बिजुआ ब्लॉक में तैनात कम्प्यूटर ऑपरेटर रामदीप वर्मा जो कि पिछले दस वर्षों से अधिक समय से ब्लॉक में तैनात हैं और इन्होंने ब्लॉक की सर्वाधिक पंचायतों में ठेकेदारी करके इंटरलॉकिंग लगाई है जो कि इनको कतई अधिकार नहीं है इंटरलॉकिंग भी गुणवत्ता विहीन लगाई गई है मनरेगा में पंचायतों की 60/40 रेसियो के मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई हैं जिसमें कई जेई और ग्राम विकास अधिकारी शामिल है। मनरेगा में फर्जी हाजिरी लगाकर पचासों हजार रुपये रोजाना सरकार को चूना लगाया जा रहा है मनरेगा में फर्जी हाजिरी यहां तैनात एपीओ अमर प्रसाद की देखरेख में हो रही है जनसुनवाई पर भी कई बार शिकायत की गई लेकिन चूंकि कमीशन में सभी लोग हिस्सेदार हैं तो फर्जी तरीके से आख्याओं को लगाया गया सरकार के इस भ्रष्ट तंत्र और मकड़जाल से परेशान होकर इस भ्रष्टाचार और इन भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की थी साथ ही खबरों को लगातार प्रकाशित कर रहे थे जिससे खुद को फंसाता देख बिजुआ ब्लॉक के कर्मचारियों ने पत्रकार दीपक पंडित पर फर्जी मुकदमा दर्ज करवा दिया और पुलिस ने पत्रकार दीपक पंडित पर धारा 308/02 व, धारा 308/05 में मुकदमा पंजीकृत कर पत्रकार दीपक पंडित को पुलिस ने बिना जांच करे बहाने से थाने पर बुलाकर जेल भेज दिया। जिससे जिले के आक्रोशित पत्रकार सुरक्षा परिषद फाउंडेशन के पदाधिकारी व सदस्यों तथा जिले के समस्त पत्रकारो़ं ने थाने व पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर पत्रकार दीपक पंडित की रिहाई व मुकदमे की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।